आरसीपी सिंह की JDU में वापसी नामुमकिन!

आरसीपी सिंह की JDU में वापसी नामुमकिन!
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बिहार की सियासत में एक बार फिर सियासी तल्ख़ी खुलकर सामने आ गई है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर चल रही वर्चस्व की लड़ाई के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की पार्टी में वापसी को लेकर उड़ रही तमाम अटकलों पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने सख़्त विराम लगा दिया है। दो टूक शब्दों में उन्होंने साफ कर दिया कि जिन लोगों ने पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा, उनके लिए नीतीश कुमार की JDU में अब कोई जगह नहीं है।

RCP सिंह की जेडीयू में नो एंट्री! ललन सिंह बोले, '72 से 42 सीट तक पहुंचाने  वाले को...' | Lalan Singh Attack On RCP Singh Said No Place For Him In  Nitish Kumar JDU

बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर चल रही अंतर्कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की संभावित पार्टी वापसी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के कद्दावर नेता ललन सिंह ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि आरसीपी सिंह के लिए अब पार्टी के दरवाजे पूरी तरह बंद हो चुके हैं। उनके बयान ने न केवल इन अटकलों पर विराम लगा दिया है, बल्कि जेडीयू के अंदरूनी शक्ति संतुलन की तस्वीर भी साफ कर दी है।

ललन सिंह ने साल 2020 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए आरसीपी सिंह पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने साजिश रचकर और भीतरघात करके पार्टी को कमजोर किया, जेडीयू के कार्यकर्ता उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। ललन सिंह के मुताबिक 2020 के चुनाव में जेडीयू का प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल उलट रहा और पार्टी महज 43 सीटों पर सिमट गई। इस नतीजे को पार्टी के भीतर आज भी एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जाता है।

ललन सिंह का इशारा उस दौर की ओर था जब आरसीपी सिंह पार्टी संगठन और रणनीति के केंद्र में थे। जेडीयू के एक बड़े वर्ग का मानना है कि उस समय भाजपा से जरूरत से ज्यादा नजदीकियां और गलत राजनीतिक आकलन पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हुए। यही वजह है कि आज भी 2020 के चुनाव परिणामों की चर्चा होते ही आरसीपी सिंह का नाम विवाद के केंद्र में आ जाता है।

बीते कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पुराने और भरोसेमंद सहयोगी रहे आरसीपी सिंह को एक बार फिर पार्टी में शामिल कर सकते हैं। लेकिन ललन सिंह के इस सख्त और सार्वजनिक बयान ने इन अटकलों को लगभग खत्म कर दिया है। इससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि जेडीयू का एक बड़ा और प्रभावशाली धड़ा आरसीपी सिंह की वापसी के सख्त खिलाफ है।